राठौर क्यों हंसा? (व्यंग्य)
राठौर क्यों हंसा ? (व्यंग्य)
बैताल ने विक्रम से प्रश्न किया -ये ज्ञानी,पराक्रमी विक्रम तू बता कि सजा सुनाये जाने के बाद भी राठौर क्यों ?हंसा.
विक्रम-हे बैताल,इसके लिए में तुझे फ्लश्बैक में लेजाता हूँ ,ये राठौर नामक प्राणी अपनी जवानी के दिनों में
बालीवुड के विलेन प्राण से बेहद प्रभावित था वो खुद भी फिल्मो में विलेन बनना चाहता था,पर माँ-बाप ने
उसे किसी सरकारी मालदार विभाग में जाने के लिए उकसाया.
फिल्म मधुमती को वो द्रश्य जिसमे फिल्म कि हिरोइन वैजयंतीमाला एक हवेली से कूद जाती है विलेन प्राण
से अपनी इज्जत बजने के लिए,राठौर को बारबार सपनो में आके उतेजित करता रहता है.
राठौर बेचारा अपने सपनो से बेजार था,मरता क्या न करता.
राठौर इस लिए हंसा कि उसे अच्छी तरह मालूम था कि समरथ को नहीं दोष गुसाई,तंत्र कि खामियों से वो
अच्छी तरह वाकिफ था,वो जनता था कि लुम्बी क़ानूनी लड़ाई लड़कर कई लोग रस्ते में ही दम तोड़ देते है,
फिर ये सजा तो मामूली सजा थी जो अपीलों पे अपील करते-करते उसे बाइज्जत बरी कर देगी,उसने टाई
पहनने के साथ सनग्लास भी आँखों पर चदाये रखे थे,ये दोनों शस्त्र किसी भी व्यक्ति को महान तथा निर्दोष
साबित करने के लिए काफी है-हमारे कानून ने किसी टाई धारक को सजा दी हो ऐसे केस उँगलियों पर गिनने
जेसे ही होंगे,हालाँकि अभी कुछ सर फिरे भारतीयों ने ने ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिए टाई हटाओ कि मुहीम
शुरू कर दी है, उनका ये मानना है कि टाई पहनने से गर्मी ज्यादा लगती है.इसलिए ऑफिसों को ज्यादा
वातानुकूलित रखना पड़ता है,जिसके यन्त्र ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाते है.
बैताल -वाह विक्रम वाह तुझे भारतीय तंत्र कि गहरी पेठ है,पर तू बोला क्यों ? तू बोला तो में चला
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राज कुंद्रा ने खरीदा ‘पाइजन’ (व्यंग्य)
शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा ने शिल्पा से शादी के पन्द्रा दिनों के अन्दर ही मुंबई में पाइजन खरीद लिया,खबर सनसनी फ़ैलाने वाली थी कि आखिर राज को पाइजन खरीदने कि जरुरत ही क्यों पड़ी,हमने उनके किसी मित्र से पूछा तो उसने कहा “ये तो उनका बिजनेस है,वो धनी आदमी है,कुछ भी खरीद सकते है”
हमने बाल कि खाल निकाली तो पता चला कि कि कुंद्राजी ने मुंबई में एक डिस्को क्लब ख़रीदा है जिसका नाम पाइजन है.
चलो बिजनेस का बिजनेस हो गया और मनोरंजन का साधन भी हो गया,एक लेवल के बाद कुछ ज्यादा हुए अमीर लोगो को अपनी अमीरी छलकाने कि बेहतरीन जगह डिस्को या रात्रि क्लब ही है,देश कि युवा पीढ़ी के लिए ये आदर्श तीर्थ स्थल है.
देश कि तरक्की चाहते है तो अमृत मंथन से निकला ये जहर (पाइजन)तो पीना ही पड़ेगा.


aaj jis ka aapne jikra kiya hai vo hamari niyati ban gaya hai aur pura desh use bhugat raha hai.aap ke vyng ekdam sahi nishane par hai.badhai
बहुत तिखा और गहरेवार करते व्यंग है. आपको ढेरो बधाई.
ये अप सन्स्क्रुति को फैला कर अपना धंधा चमका रहे है..