प्रयास संस्थान की ओर से चूरू के नगरश्री सभागार में शनिवार शाम आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि एवं देश की शीर्षस्थ कथाकारों में शामिल नासिरा शर्मा ने कवि हेमंत शेष को डॉ घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार-2010 प्रदान किया।... (Continue reading)
अगर आप बेहतर ढंग से बुनी गयी, एक संवेदनशील और अर्थपूर्ण कहानी पसंद करते हैं तो नागेश कुकनूर की ’आशाएं‘ आपको भरोसा देगी। भरोसा इस बात का कि बाजार की इस अंधी दौड़ में भी कुछ लोग ’अच्छे सिनेमा‘ को... (Continue reading)
कामगार कवी के नाम से प्रसिद्घ वरिष्ठ मराठी जनकवी नारायण सुर्वे (८३) का आज सुबह लंबी बिमारी के बाद ठाणे में देहांत हो गया। १५ ऑक्टोबर १९२६ को मुंबई के गिरणगाव में जन्में अनाथ कामरेड़ सुर्वे का बचपन बड़ी मुफलीसी... (Continue reading)
इन 60 साल में माओ-डेंग से बहुत आगे निकल गया चीन माओ के किसान संघर्ष से डेंग के श्रमिक कारखानों तक। एक लाइन में 60 साल के पीपुल्स रिपब्लिक की यही पहचान है। और यही पहचान दुनिया के सामने चीन को... (Continue reading)
10 करोड़ के मुआवजे पर 6 लाख करोड़ का धंधा कर्नाटक के रेड्डी बंधुओ पर आरोप है कि उन्होंने अवैध खनन के जरीये करीब 60 हजार करोड़ का चूना सरकार को लगाया। छत्तीसगढ की रमंन सरकार पर आरोप है कि उन्होंने... (Continue reading)
बॉलीवुड में बनने वाली एक अच्छी या बुरी फिल्म नहीं है ‘पीपली लाइव।‘ फिल्म की तरह इसकी समीक्षा की भी नहीं जा सकती। असल में ‘पीपली लाइव‘ बना कर इसके मूल निर्माता आमिर खान ने यह बताया है कि कोई... (Continue reading)
द्वितीय प्रमोद वर्मा स्मृति समारोह-2010 की रपट मधुरेश, ज्योतिष जोशी और डॉ.शोभाकांत झा को प्रमोद वर्मा सम्मान वाणी परमार को प्रथम शोध वृति अज्ञेय और शमशेर पर राष्ट्रीय संगो`ष्ठी रायपुर । प्रमोद वर्मा स्मृति संस्थान द्वारा हिन्दी आलोचना में उल्लेखनीय योगदान के लिए... (Continue reading)
देश छुट जाता है, बाहरी रूप से , मगर देश नहीं छुटता अंतर्मन से क्यों होता है ऐसा सिर्फ हमारे साथ, हम भारतीयों के साथ, कि किस्मत की हवा जहाँ भी ले जाए हमें ,… धरती का कोई भी कोना हो , कैसे भी लोग हों,कोई भी भाषा हो, हम... (Continue reading)
आज के इस कड़ी प्रतिस्पर्धा के दौर में किसी भी व्यक्ति, व्यवसाय, वस्तु या विचार के लिए अपने अलग अस्तित्व , अपनी अलग विशेषताओं को अपने लक्ष्य समूह के ध्यान में लाना एक अनिवार्यता हो गया है. आजकल किसी भी... (Continue reading)
जब भी उदास होता हूँ, आसमान की ओर टकटकी लगा कर देखता हूँ और आसमान झट अपनी बाँहों में भर झुला झुलाने लगता है. पंछी चहचहा कर गीत सुनाने लगते हैं. चाँद – सितारे करतब दिखाने लगते हैं. मैं इन... (Continue reading)