इन 60 साल में माओ-डेंग से बहुत आगे निकल गया चीन माओ के किसान संघर्ष से डेंग के श्रमिक कारखानों तक। एक लाइन में 60 साल के पीपुल्स रिपब्लिक की यही पहचान है। और यही पहचान दुनिया के सामने चीन को... (Continue reading)
उन्नीसवीं सदी के प्रसिद्ध समाजशास्त्री हरबर्ट स्पेंसर ने शायद सबसे पहली बार आधिकारिक तौर पर सामाजिक परिक्षेत्र में योग्यतम की उत्तरजीविता के मुहावरे का प्रयोग किया था। उनका मानना था कि ग़रीब लोग आलसी होते हैं, काम नहीं करना चाहते... (Continue reading)
चंदेरी के बुनकरों का सवाल आमिर खान जब ‘थ्री इडियट्स’ के प्रचार के दौरान उठा रहे रहे थे, उस वक्त लोकसभा में मंहगाई को लेकर सांसद हंसते-मुस्कुराते चर्चा करते हुये चर्चा से बचना चाह रहे थे । आमिर खान सामाजिक... (Continue reading)
लेखक संगठनों की वर्तमान स्थिति विजयदान देथा की “दुविधा” कहानी की नायिका जैसी है जो तय नहीं कर पाती कि वास्तविक और भूत के बीच किसको चुने? लेखक संघ भी ऐसी ही अनिर्णय की स्थिति से गुजर रहे हैं। भूत... (Continue reading)
नई दिल्ली, १९ नवंबर। एक न्यायपूर्ण और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए नेपाली जनता के जारी संघर्ष को भारतीय जनता से पुरज़ोर समर्थन मिलना चाहिए क्योंकि संप्रभुतासम्पन्न, आत्मनिर्भर और स्थिर नेपाल भारत के भी हित में है। यह कहना... (Continue reading)
बचपन से छ्लाँग लगाकर जब हमने भी होश सँभाला तो आए दिन काले धन की बातें पढ़कर, सुनकर, और नकली नोटों की बातें अखबारों में पढ़कर और टी.वी. में देख सुनकर, सरकारों की, अर्थशास्त्रियों की चिंता देख सुनकर हमें... (Continue reading)
महाराष्ट्र विधानसभा के नये सत्र के पहले दिन मनसे के विधायकों ने मराठी भाषा के नाम पर ,हिन्दी में शपथ लेने वाले सपा विधायक अबू आजमी के साथ जो गुंडागर्दी की है. उसकी जितनी निन्दा की जाय कम है, ये... (Continue reading)
माओवादी संकट कहीं राजनीति के अतर्विरोध को उभार तो नहीं देगा ? माओवादी संकट कहीं विकास की लकीर पर ही सवाल तो खड़ा नहीं कर देगा ? माओवादी संकट कहीं राजनीतिक मुनाफे के आगे नपुंसक होते संस्थानों के दर्द को... (Continue reading)
नोर्थ केरोलिना विश्वविद्यालय, अमेरिका में डा.पंकज जॆन हिन्दी,संस्कृत ऒर जॆन धर्म के नये कोर्स नोर्थ केरोलिना विश्वविद्यालय, यू.एस.ए. में पढाएंगे. डॉ. जैन विश्वविद्यालय में अगस्त २००८ से विदेशी भाषा तथा साहित्य के विभाग में कार्यरत हैं। उल्लेखनीय है कि ये विषय... (Continue reading)
खुदरा बाज़ार में प्रत्यष विदेशी निवेष का मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है। जहाँ एक तरफ अप्रत्याशित रूप से जीत कर आई कांग्रेस सरकार ने आरंभ से ही इस क्षेत्र में 26 से 49 फीसदी तक प्रत्यक्ष विदेशी... (Continue reading)