मीरा भक्ति आंदोलन की बडी कवयित्री रही हो या न रही हो किन्तु इधर स्त्री विमर्श के ताजा दौर में यकायक चर्चा के केन्द्र में है। यह अकारण नहीं कि जहाँ कुछ समय पहले परिता मुक्ता ने अपहोल्डिंग दि कॉमन... (Continue reading)
चरित्रों की भीड़…दर्जनों आख्यान एक-दूसरे में गुंफित…और कथा की जमीन वह इंसानी जाति जिसे अंग्रेज़ों ने ‘जरायमपेशा’ करार दिया था – ये सब मिल कर बनाते हैं एक नया मुहावरा। यह मुहावरा कई स्थितियों पर लागू किया जा सकता है।... (Continue reading)