अगर आप बेहतर ढंग से बुनी गयी, एक संवेदनशील और अर्थपूर्ण कहानी पसंद करते हैं तो नागेश कुकनूर की ’आशाएं‘ आपको भरोसा देगी। भरोसा इस बात का कि बाजार की इस अंधी दौड़ में भी कुछ लोग ’अच्छे सिनेमा‘ को... (Continue reading)
बॉलीवुड में बनने वाली एक अच्छी या बुरी फिल्म नहीं है ‘पीपली लाइव।‘ फिल्म की तरह इसकी समीक्षा की भी नहीं जा सकती। असल में ‘पीपली लाइव‘ बना कर इसके मूल निर्माता आमिर खान ने यह बताया है कि कोई... (Continue reading)
सिनेमा को सपना, सृजन और संभावना बनाने के साथ-साथ व्यावसायिक सफलता के शिखर पर भी खड़ा कर देने की विस्मयकारी कला का नाम है आमिर खान। हंसते गाते हुए एक मर्मस्पर्शी संदेश छोड़ जाना, मनोरंजन को किसी मकसद से जोड़... (Continue reading)
आशुतोष गोवारीकर आम तौर पर लंबी फिल्में ही बनाते हैं लेकिन ‘व्हाट्स योर राशि’ बना कर तो उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। दो घंटे का सिनेमा वाले आज के समय में पौने चार घंटे की फिल्म … ‘मेरा... (Continue reading)
इंदौर में सम्पन ग्लोबल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में हिंदी ( हास्य) फ़िल्म ’डोंट ट्च मी’ का प्रीमियर आईनाक्स थियेटर में हुआ. इसके निर्देशक, कहानीकार, संवाद लेखन टी. मनवानी आनंद है.नगर निगम सभापति शंकर लालवानी, नायिका भारती छाबडिया, श्रीमती सुषमा शिरोमणि (महासचिव-... (Continue reading)
रामगोपाल वर्मा की फिल्म ‘सत्या‘ के बाद अंडरवर्ल्ड की सरजमीन पर फिल्में तो कई आयीं लेकिन वह कोई नया सिनेमाई अहसास नहीं दे पायीं। लंबे समय के बाद अपराध फिल्मों के नक्शे पर ‘बाबर‘ के रूप में एक नया अध्याय... (Continue reading)
लव आज कल निर्देशक इम्तियाज अली ने फिर साबित किया कि वह एक कल्पनाशील और बेहतर फिल्मकार हैं। ‘जब वी मेट‘ उनकी पहली हिट निर्देशित फिल्म थी जिसमें दो युवाओं के प्यार को उन्होंने बेहद दिलचस्प तथा जीवंत अंदाज में पेश... (Continue reading)